World Tourism Day 2024: विश्व पर्यटन दिवस क्यों मनाया जाता है, Vishv Paryatan Divas Kab Hai?

World Tourism Day 2024: Vishv Paryatan Divas क्यों मनाया जाता है? विश्व पर्यटन दिवस इतिहास, महत्व है। यात्राएं सुकून देने वाली होती हैं और टहलने वालों के लिए यात्रा का रोमांच अलग होता है।

प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कई बार यात्रा करता है और कुछ लोगों के लिए यात्रा करना खुद से जुड़ने जैसा होता है, अगर ऐसे लोग यात्रा नहीं करते हैं तो उन्हें खालीपन महसूस होने लगता है।

इसी तरह कई लोग अपने परिवार के साथ, दोस्तों के साथ और अपने जीवन साथी के साथ यात्रा करना पसंद करते हैं। और कुछ लोग अपने व्यवसाय के लिए यात्रा करते हैं।

चाहे वह अपने काम के लिए यात्रा करता हो या अपने दोस्तों या अपने परिवार के साथ किसी के साथ मस्ती के लिए बाहर जाता हो।

चाहे आप लंबी छुट्टी पर जाना चाहते हों या अपने घर के बड़ों के साथ धार्मिक यात्रा करना चाहते हों, आप अपने जीवन में किसी न किसी मोड़ पर यात्रा करते हैं.

World Tourism Day Kab Manaya Jata Hai?
Dateहर साल 27 सितंबर को मनाया जाता है
विवरणविश्व पर्यटन दिवस 27 सितंबर को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा वर्ष 1980 में की गई थी.

विश्व पर्यटन दिवस क्यों मनाया जाता है?

पूरी दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जिन्हें घूमने का बहुत शौक होता है, उन्हें घूमने का इतना शौक होता है कि वे दूसरी चीजों को भूलकर सिर्फ अपनी यात्रा पर ही ध्यान लगाते हैं।

घूमने से अन्य देशों और शहरों की सभ्यता और संस्कृति को समझने में मदद मिलती है। पर्यटन एक देश को दूसरे देश से जोड़ने का एक बहुत ही सुंदर तरीका है।

इस दिन आम जनता के लिए पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं जैसे फोटो प्रतियोगिता, पर्यटन पुरस्कार आदि का आयोजन किया जाता है।

पर्यटकों के लिए विभिन्न आकर्षक और नए गंतव्यों के कारण पर्यटन दुनिया भर में तेजी से बढ़ता और विकासशील आर्थिक क्षेत्र बन गया है। इसलिए यह विकासशील देशों के लिए आय का मुख्य स्रोत बन गया है।

आप जानते हैं कि हर शहर और देश के लोगों को पर्यटन के माध्यम से रोजगार मिलता है। इसके साथ ही यह पर्यटन के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी मनाया जाता है।

विश्व पर्यटन दिवस मनाने का उद्देश्य?

विश्व पर्यटन दिवस मनाने का उद्देश्य पर्यटन से रोजगार पैदा करना है। विश्व पर्यटन दिवस लोगों में पर्यटन और यात्रा के प्रति उत्साह बढ़ाने और लोगों में पर्यटन की ओर रुझान पैदा करने के उद्देश्य से मनाया जाता है।

इस दिन को मनाने का उद्देश्य दुनिया में इस बारे में जागरूकता फैलाना है कि कैसे पर्यटन वैश्विक स्तर पर सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक मूल्यों को बढ़ाने और आपसी समझ को बढ़ाने में मदद करता है।

भारत में न केवल गोवा, केरल, राजस्थान, उड़ीसा और मध्य प्रदेश ने पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, बल्कि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी पर्यटन को काफी फायदा हुआ है।

जिस देश का पर्यटन अच्छा होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति अपने आप बढ़ जाती है। पर्यटन दिवस का उद्देश्य देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करना है।

विश्व पर्यटन दिवस कैसे मनाया जाता है?

विश्व पर्यटन दिवस कई अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है। इस दिन विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। जैसे पर्यटन को बढ़ावा देने वाली फोटो प्रतियोगिताएं जैसे विशेष प्रस्तावों के साथ पर्यटन की प्रस्तुतियां।

यह विभिन्न पर्यटन उद्यमों, संगठनों, सरकारी एजेंसियों आदि द्वारा बहुत रुचि के साथ मनाया जाता है। इसके अलावा, यूएनडब्ल्यूटीओ के महासचिव द्वारा हर साल आम जनता को एक संदेश भेजा जाता है।

World Tourism Day की शुरुआत कब हुआ

विश्व पर्यटन दिवस की शुरुआत 1970 में विश्व पर्यटन संगठन द्वारा की गई थी। आपको बता दें कि 1980 में पहली बार 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया गया था।

विश्व पर्यटन संगठन (डब्ल्यूटीओ) के अनुसार, 1979 के दौरान, संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (यूएनडब्ल्यूटीओ) की आम सभा ने प्रत्येक 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस की स्थापना करने का निर्णय लिया और 1980 से उन्होंने विश्व पर्यटन दिवस मनाना शुरू कर दिया।

27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस की तारीख के रूप में चुना गया था क्योंकि यह उत्तरी गोलार्ध में पर्यटन सीजन के अंत और दक्षिणी गोलार्ध में पर्यटन सीजन की शुरुआत के साथ मेल खाता है।

पर्यटन का प्रकार (Type of tourism)

इस दिन को मनाने का मकसद पर्यटन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। हर किसी को नई जगहों पर जाने और चीजों के बारे में जानने का शौक होता है। एक दूसरे की संस्कृति को जानना और समझना पर्यटन को समृद्ध बनाता है।

धार्मिक पर्यटक तीर्थयात्रा (Religious Tourist Pilgrimage)

पर्यटन का यह रूप पूरी दुनिया में सबसे पुराना है और दुनिया भर में लगभग हर व्यक्ति अपने धार्मिक और आध्यात्मिक विश्वास की पूर्ति के लिए यात्रा करता है।

अगर हम धार्मिक पर्यटन के संबंध में भारत की बात करें तो मैं आपको बताना चाहूंगा कि दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला महाकुंभ हर 12 साल में एक बार आता है।

कुंभ मेला हरिद्वार, प्रयागराज, नासिक और उज्जैन में आयोजित किया जाता है। इनमें से प्रत्येक स्थान पर प्रत्येक 12 वर्ष के अंतराल पर कुंभ मेला आयोजित किया जाता है।

इस बार हरिद्वार 2021 (Haridwar Kumbh Mela 2021) में कुंभ मेला लगा था।

तिरुपति के पास स्थित तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर भारत के सबसे पवित्र मंदिरों में से एक है। यह मंदिर भगवान वेंकटेश्वर को समर्पित है जो भगवान विष्णु के अवतार हैं। यहां हर साल करोड़ों श्रद्धालु मंदिर दर्शन के लिए आते हैं।

सोमनाथ के समुद्र तट पर स्थित अद्भुत और आश्चर्यजनक मंदिर वास्तव में विस्मयकारी हैं। सोमनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।

द्वारका चार धाम में शामिल तीर्थों में से एक है। इसे द्वारकाधीश मंदिर के नाम से भी जाना जाता है जो भगवान कृष्ण को समर्पित है।

वैष्णो देवी मंदिर भारत में सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों में से एक है।

सांस्कृतिक पर्यटन (Cultural tourism)

सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में, विशेष रूप से उन भौगोलिक क्षेत्रों में पर्यटक स्थानीय लोगों की जीवन शैली, उनके इतिहास, उनकी कला, धर्म और उनके जीवन के तरीके को जानने और समझने के लिए लोग दूसरे जगह पर घूमते हैं।

सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने और अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए, स्थानीय प्रशासन और सरकार ऐतिहासिक विरासत और स्थानीय त्योहारों पर सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन करती है, जिससे पर्यटन में उस क्षेत्र को देखने के लिए उत्सुकता बढ़ जाती है।

शैक्षिक पर्यटक (Educational tourist)

लगभग सभी शिक्षण संस्थान अपने छात्रों के लिए वर्ष में एक बार अपने स्तर पर या किसी ट्रैवल एजेंसी के माध्यम से शैक्षिक यात्राओं का आयोजन करते हैं। ऐसी यात्राओं का मुख्य उद्देश्य छात्रों की सामाजिक, ऐतिहासिक और वैज्ञानिक जिज्ञासा को संतुष्ट करना है।

इस तरह के दौरों के माध्यम से छात्रों की किसी विषय के प्रति रुचि भी बढ़ाते हैं, जिससे उन्हें अपने विषय के बारे में व्यावहारिक समझ मिलती है। कई संस्थान ऐसे भी हैं जो अपने छात्रों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए अन्य जगहों पर भेजते हैं।

व्यापार पर्यटन (Business tourism)

व्यापार पर्यटन के बारे में सरल शब्दों में यह कहा जा सकता है कि जब कोई व्यक्ति या कई लोगों का समूह व्यावसायिक कारणों से एक स्थान से दूसरे स्थान की यात्रा करता है, तो ऐसी यात्रा को व्यावसायिक यात्रा कहा जाता है।

तकनीकी पर्यटन (Tech tourism)

ऐसी जगह की यात्रा करना जहाँ नई तकनीक विकसित हो। जैसे मोबाइल या लैपटॉप कंपनी में कोई उत्पाद कैसे बनता है, लोगों में देखने और जानने की इच्छा होती है।

बैंगलोर को इलेक्ट्रॉनिक सिटी के रूप में जाना जाता है। सूचना प्रौद्योगिकी के उदय के साथ, बैंगलोर भारत में एक सॉफ्टवेयर उत्पादन महानगर बन गया है, जिसे “सिलिकॉन वैली” भी कहा जाता है।

विप्रो, इंफोसिस और इसरो जैसी कंपनियों का मुख्यालय भी बैंगलोर में है। बैंगलोर में इलेक्ट्रॉनिक और नेशनल एयरोस्पेस लेबोरेटरीज जैसी कंपनियां भी हैं।

पर्यावरण पर्यटन (Ecotourism)

यदि हमें ईकोटूरिज्म को सरल शब्दों में परिभाषित करना है तो मैं आपको बताऊंगा कि यदि आप सभी किसी प्राकृतिक स्थान पर जाते हैं, तो आपको उस

प्राकृतिक स्थान के आसपास की वनस्पतियों की सुंदरता और वन्य जीवन को देखना और उन्हें समझना, तरह तरह के जीव होते हैं जिन्हे लोग अक्सर अपने कमरे में कैद करना चाहते हैं. फोटोग्राफी करते हैं। वर्ल्ड फोटोग्राफी दिवस के बारे में भी पढ़े.

Ecotourism पूरी तरह से प्रकृति की देखभाल से जुड़ी एक यात्रा है और जो लोग यात्रा करते हैं उन्हें हम इस इको टूरिस्ट कहते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विभिन्न प्राकृतिक स्थानों का भ्रमण करना और लोगों में पर्यावरण और वन्य जीवन के बारे में जागरूकता पैदा करना है।

भारत के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थल

यदि आपको मौका मिले तो एक बार यहां जरूर जाएं।

  • जयपुर – गुलाबी शहर
  • कश्मीर – भारत का स्वर्ग
  • लेह/लद्दाख – बर्फीला शहर
  • गोवा – पसंदीदा छुट्टी गंतव्य
  • दिल्ली – दिल वालो का शहर
  • आगरा – ताजमहल का शहर
  • दार्जिलिंग – पहाड़ियों की रानी
  • वाराणसी – गंगा का पवित्र स्थल
  • कन्याकुमारी – असीमित जल का क्षेत्रफल
  • अजंता और एलोरा की गुफाएं – पुरातनता का वैभव
  • बिटिया दिवस कब मनाया जाता है?

विश्व पर्यटन दिवस मनाने का उद्देश्य क्या है?

विश्व पर्यटन दिवस संयुक्त राष्ट्र का एक कार्यक्रम है और यह हर साल 27 सितंबर को दुनिया भर में मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य लोगों को पर्यटन के प्रति जागरूक करना और प्रोत्साहित करना है।

विश्व पर्यटन दिवस कब मनाया जाता है?

विश्व पर्यटन दिवस 27 सितंबर को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा वर्ष 1980 में की गई थी, इस तिथि के चुनाव का मुख्य कारण यह था कि वर्ष 1970 में UNWTO के कानून को स्वीकार किया गया था।

विश्व पर्यटन दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?

1980 से हर साल 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के रूप में मनाया जाता है। 1970 में संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UNWTO) कानूनों को अपनाने की वर्षगांठ के रूप में, इस तिथि को विश्व पर्यटन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जाता है।

विश्व पर्यटन दिवस 27 सितंबर को क्यों मनाया जाता है?

विश्व पर्यटन दिवस की शुरुआत पहली बार 1980 में संयुक्त राष्ट्र विश्व व्यापार संगठन (UNWTO) द्वारा की गई थी। इसकी तारीख 27 सितंबर इसलिए चुनी गई क्योंकि 1970 में इसी दिन UNWTO को मान्यता मिली थी।